Posts By: Rajendra

Author: Rajendra

Member Since: Feb 18, 2018, 7:42 AM

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I have filed a TDR for a ticket when I did not traveled in train because it was late for more than 3 hours. And I got the refund finally today. That is after 6 months approx. But good thing is I...

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I just found this channel on Youtube where you can find new unique and delicious Indian snacks and main course recipes. You can also watch and follow it here: Richa's Manor

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We are listening to Aadhar data breach since last few days. but no one is providing details about how much data is breached and what kind of information is available in the public domain.If it is...

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What Inflation rate indicates is the rate of increase of prices on which it is based. Now if rate is 15% then the prices are 15% higher than last years during the same period. And if it is 5% then...

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जब भी मैं अपने ८ साल के बेटे को हिंदी शब्दों का मतलब पूछते पाता हूँ, तो कहीं न कहीं ये सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या हम इंग्लैंड के निवासी हैं या फिर भारत के. अंग्रेज़ी का इतना असर हमारे ऊपर...

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Every morning when I drive to school to drop my son, I feel really sorry for the parents who do not follow traffic rules in front of the school get. They are there to drop their kids, who will...

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वो फिर से मेरे बगल से गुजर गयी… आज वो खाली थी. शायद मेरे ही जैसे किसी का इंतज़ार था उसे. मेरे मन ने भी आवाज़ दी - रुक जा दो मिनट बैठ जा. पर दिमाग ने समझाया नहीं अभी नहीं, अभी बहुत काम है. फिर कभी...

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मैं रोज़गार के सिलसिले में, कभी कभी उसके शहर जाता हूँ तो गुज़रता हूँ उस गली से| वो नीम तारीक सी गली और उसी के नुक्कड़ पे ऊँघता सा पुराना खम्बा उसी के नीचे तमाम शब इंतज़ार करके मैं छोड़...

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इक बात होंठों तक है जो आई नहीं, बस आँखों से है झांकती, तुमसे कभी, मुझसे कभी, कुछ लफ्ज़ है वो मांगती, जिनको पहेन के होंठों तक आ जाए वो, आवाज़ की बाहों में बाहें डाल के इठलाये वो. लेकिन जो ये इक...

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पिछले हफ्ते अरसो बाद अपना गाँव देखा। सोचा था पूरा बदल गया होगा मगर पाया वही बचपन का गाँव कुछ नए जेवर पहने। उन यादों के एकहिस्से को ग़ज़ल में समेटने की कोशिश - यहां लोगों का मिट्टी से रिश्ता बाकी...

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जिंदगी के सफ़र में चलते चलते हर मुकाम पर यही सवाल परेशान करता रहा.... कुछ रह तो नहीं गया? 3 महीने के बच्चे को दाई के पास रखकर जॉब पर जानेवाली माँ को दाई ने पूछा... कुछ रह तो नहीं गया? पर्स,...

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यही सिलसिला चलेगा । देखना तुम । दिन रात बारिश होगी । दीवालें सीलने लगेगीं । सीने पर बैठा बाज और भारी होता जाएगा । बैसाख में जला पठार, अपनी ही भस्म में अँखुआ रहा । हर जानने वाले के घर घुटी...

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